गूगल की सेल्फ ड्राइविंग गाड़ियाँ, ११ दुर्घटनाओं की साक्षी

गूगल ने कहा कि सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ियाँ, जो कि इंसानों से तेज प्रतिक्रिया करने में सक्षम हैं, अभी भी अनचाही दुर्घटनाऔर अनहोनी से बच नहीं पा रहीं हैं। श्री क्रिस अर्मसन (गूगल ऑटोनॉमस कार प्रोग्राम के हेड) कहते है कि ‘कम से कम सात बार दूसरी गाडियों को ट्रैफिक लाइट पर पीछे से टक्कर लगी है। इतना ही नहीं, कई बार तो फ्रीवे पर भी यह दृश्य दोहराया गया है।’

गूगल की सेल्फ ड्राइविंग गाड़ियाँ

श्रीमान क्रिस आगे कहते है कि गूगल की सेल्फ-ड्राइविंग गाडियों ने पिछले ६ सालों में ११ दुर्घटनाएँ की है हैं। गूगल के अनुसार इन दुर्घटनाओं में किसी भी प्राणी को चोट नहीं पहुंची है।

अर्मसन ने कहा कि लगभग २७ लाख किलोमीटर का सफर तय कर चुकी ये गाड़ियाँ आधुनिक सॉफ्टवेअर और सेन्सर्स से लेस है, जो कि छोटी से छोटी चीज मे भी एक मानव से तेज गति मे प्रतिक्रिया कर सकती है, परन्तु कई बार दूरी और स्पीड से यह भी तालमेल नहीं बिठा पाती।

उन्होंने कहा कि ‘सुरक्षा बेहद ही जरूरी है अगर ये गाड़ियाँ सड़कों पर चल रही हैं, हम नहीं चाहते हैं कि ऐसी दुर्घटनाएँ कभी भी हों, पर कई बार आप इन्हें टाल नहीं सकते।’

इन सेल्फ ड्राइविंग गाडियों का काफिला हर सप्ताह लगभग १६००० किलोमीटर की दूरी तय करता है, और वह भी बिना ड्राइवर्स के।

गूगल का कहना है कि सड़क पर मिल रहे हर अनुभव को, वह एक सबक की तरह ले रहे है और उससे निरंतर सीखने का प्रयास कर रहे है। ‘कैलिफॉर्निया डिपार्टमेंट ऑफ मोटर वीइकल्स’ ने सभी दुर्घटनाओं की रिपोर्ट को गोपनीय रखा है।