1884 के बाद अब 2015 की दिवाली में आया दुर्लभ लक्ष्मी प्राप्ति योग

लगभग 131 साल बाद 2015 की दिवाली में आया दुर्लभ लक्ष्मी प्राप्ति योग। 11 नवंबर को (दिवाली वाले दिन) विशाखा नक्षत्र में धाता, बुधादित्य एवं सौभाग्य का योग है।

Laxmi Prapti Yog This Diwali in 2015 After 1884

बुधादित्य योग राजयोग कहलाता है। इसलिए इस योग के दौरान अगर आप कोई भी काम पूरी श्रधा से करेंगे तो आपको सफलता जरुर मिलेगी। वहीं दूसरी तरफ धाता योग बुधादित्य और सौभाग्य का पूरक है।

इस दिवाली पर बन रहे अति उत्तम योग का लाभ जरुर उठायें और मां लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा करने वालो को अवश्य ही ऐश्वर्य की अनुभूति होगी।

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अगर आप एक व्यापारी है तो यह दिवाली आपके लिए बड़ी ही ख़ास होगी। यह योग खाद्य पदार्थ, सोना, वाहन तथा चांदी आदि जैसे व्यापारों के लिए लाभकारी मन जा रहा है।

कहा जा रहा है कि ऐसा योग 1884 में आया था और अब ऐसा ही योग इस बार (11 नवंबर 2015) की दिव्वाली में बनेगा। इस साल के बाद यह योग साल 2145 में आएगा। लक्ष्मी प्राप्ति के लिए यह योगग बहुत अच्छा है।

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ऐसा भी माना जा रहा है कि धनतेरस पर भी लाभकारी योग रहेगा और कुछ भी सामान खरीदने पर लगभग तेरह गुना लाभ प्राप्ति होगी।

मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए लोग धनतेरस पर पीतल और चांदी के बर्तन खरीदते है।

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