पाइरेटेड गेम्‍स चलाने वालो को विंडोज 10 ने दिया झटका

माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 10 ने हाल ही में पाइरेटेड गेम्‍स चलाने वालो के लिए एक चौका देने वाली खबर सुनाई। माइक्रोसॉफ्ट के पास अब ऎसी तकनीक आ चुकी है जिससें वह कहीं से भी पाइरेटिड गेम्स को बंद कर सकता है।

अगर आप विंडोज 10 पर पाइरेटिड गेम्स या सॉफ्टवेयर चलाएंगे तो माइक्रोसॉफ्ट उसे तुरंत बंद कर देगा।

Windows 10 पर नहीं चला सकते पाइरेटेड गेम्‍स

विंडोज 10 की सबसे खास बात यह है कि कंपनी ने इस ऑपरेटिंग सिस्टम को टैबलेट, कंप्यूटर, गेमिंग कंसोल, स्मार्टफोन आदि के लिए एकसाथ उतारा है। यह ही नहीं, बल्कि इस ओएस में ऎसे फीचर्स उपलब्ध है जो आपको पायरेटेड गेम्स खेलने से जरुर रोकेंगे।

दरअसल माइक्रोसॉफ्ट ने EULA, अथार्थ एंड यूजर लाइसेंस एग्रीमेंट को इस ओएस के लिए बदल दिया है। रिमोट के जरिए यह आपके डिवाइस से पाइरेटेड सॉफ्टवेयर अथवा गेम को डिलीट कर देगा।

EULA ने कहा के यूज़र्स को कभी-कभी सॉफ्टवेयर अपडेट की जरूरत पड़ सकती है, अपनी सर्विसेज को जारी रखने के लिए। यह ऑटोमैटिक तरीके से ही आपके सॉफ्टवेयर के वर्जन को जांच कर सकते हैं एवं कंफीगुरेशन में बदलाव और सॉफ्टवेयर अपडेट्स को डाउनलोड भी कर सकते हैं।

यह बदलाव डेस्क्टॉप क्लास ओएस के लिए है। भारत और चीन जैसे बाजारों में जो कंप्यूटर्स उपलब्ध होते है उनमे, सॉफ्टवेयर के पाइरेटेड कॉपी चलाए जाते हैं।

यदि आप विंडोज 10 पर एंटी वायरस सॉफ्टवेयर को चलाते हैं या अवैध तरीके से गेम्स को एक्सेस करते हैं तो माइक्रोसॉफ्ट इसे अपने आप ही डिलीट कर देगा। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वो यह कैसे पता करेंगे के यूज़र्स पाइरेटेड सॉफ्टवेयर चला रहे हैं। पर इतना तो तय है कि माइक्रोसॉफ्ट की तीखी निगाहें सदैव बनी रहेंगी।

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