कौरवों के अंत के बाद का ऐसा सच जो आपको चैन से सोने न देगा

क्या आप जानते है कि महाभारत युद्ध में कौरवों के अंत के बाद ऐसा क्या हुआ जिससे आज तक लोग हैरान हैं? नहीं? तो आइये जानते हैं के युद्ध ख़त्म होने के पश्चात क्या हुआ।

महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने अपने राज्य पर राज किया। पर उन्हें कौरवों के मरने का बहुत दुःख था क्योंकि वो जैसे भी थे परन्तु उनके भाई थे।

After the Death of Kauravas in Mahabharat Yudh

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इसलिए पांडवों ने सशरीर स्वर्ग की यात्रा शुरू कर दी। सिर्फ युधिष्ठिर ही थे जो स्वर्ग तक जीवित पहुँच सके। वहाँ पहुंचकर उन्होंने स्वर्ग और नरक दोनों देखे और स्वर्ग पहुँचने पर कुछ ऐसा देखा जो आप सोच नहीं सकते।

स्वर्ग में सबसे पहले उन्होंने दुर्योधन को देखा। दुर्योधन के अलावा युधिष्ठिर ने स्वर्ग में अपने भाइयों को भी देखा।

ऐसे में युधिष्ठिर के भाई भीम ने पूछा कि दुर्योधन इतना पापी अनैतिक होने के बाद भी स्वर्ग में कैसे?

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तब युधिष्ठिर ने उत्तर दिया कि अनैतिक कर्मो का परिणाम दंड ही होता है और अच्छे कर्मो का परिणाम अच्छा। परन्तु बहुत सारी बुराइयों के पश्चात भी दुर्योधन में एक अच्छाई थी। दुर्योधन अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरे तन मन से जुटा रहा और यह एक बहुत बड़ा सद्गुण है।

इस वजह से दुर्योधन को कुछ समय के लिए स्वर्ग में स्थान मिला है।