दिल थाम कर पढ़े ताजमहल की कुछ अनसुनी अनकही बातें

प्रेम का प्रतीक माना जाने वाला ताजमहल, हर उस इंसान के लिए महत्वपूर्ण है जो इश्क की इबादत करता हो या उसमे विश्वास रखता हो।

समर्पण, त्याग और खुशी को जताती यह इमारत दुनिया के 8 अजूबों में से एक है। पर इसकी बेमिसाल ख़ूबसूरती के कुछ अनसुने अन्जाहे राज़ है जो आज आपके सामने खुलेंगे।

10 Secret Facts about Tajmahal

आईये जानें वो क्या राज़ हैं:

१. इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि शाहजहां ने ताजमहल का निर्माण अपनी पत्नी मुमताज की याद में करवाया था परन्तु एक सच यह भी है कि मुमताज, शाहजहां की तीसरी पत्नी थीं जिनके लिए यह इमारत बनवाई गई।

२ शाहजहां की 14वीं संतान को जन्म देते हुए मुमताज ने अपने प्राण त्याग दिए और वह वक्त स्वर्ग सिधार गयी। उनके मरणोपरांत ही शाहजहां ने ताजमहल बनवाया।

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३. कहते हैं कि मुमताज की मृत्यु बुरहानपुर में हुई थी तो उन्हें वहीं दफना गया था लेकिन उसके 6 महीने बाद ही शाहजहां उनके शव को अपने साथ आगरा ले गए और उस शव को फ़िर ताजमहल में दफनाया गया।

४. ऐसा माना जाता है कि मुमताज के शव को ममी के रूप में रखा गया था जब तक ताजमहल की ईमारत बनकर तैयार नहीं हुई थी।

५. ताजमहल को बनने में पूरे 22 साल लग गये थे और इसका निर्माण 1632 में शुरु हुआ था।

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६. ताजमहल के निर्माण हेतु आठ देशों से निर्माण सामग्री मंगवाई गई थी।

७. ताजमहल के कुछ हिस्सों पर मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाना पड़ा क्योंकि बढ़ते प्रदूषण के कारण ताजमहल की सफेदी पर असर हो रहा था।

८. दुनिया के आठ अजूबों में ताजमहल को शामिल करने के लिए वोटिंग का सहारा लिया गया जिसमे पूरे विश्व भर के लोगो ने वोटिंग की थी।

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९. साल 1983 में यूनेस्को ने ताजमहल को विश्व धरोहर घोषित किया था क्योंकि यह ईमारत भारतीय, फारसी, इस्लामी एवं तुर्क वास्तुकला के घटकों का एक अदभुत संगम है।

१०. एक विशेष प्रकार की लकड़ी ताजमहल की नींव में उपयोग हुई है।

तो यह थी ताजमहल के बारे में कुछ अनसुनी अनकही बातें। यकीनन काफी बातों से आप आज रूबरू हुए होंगे।

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